📖 कहानी का नाम: "विक्टोरिया – अधूरी ख्वाहिशें" !
📖 कहानी का नाम: "विक्टोरिया – अधूरी ख्वाहिशें" 👩 पात्र: विक्टोरिया डिसूज़ा , उम्र: 28 साल पेशा: मुंबई की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर मैनेजर स्वतंत्र विचारों वाली, लेकिन भीतर से बहुत अकेली 🌆 एक चमकती ज़िंदगी के पीछे की तन्हाई मुंबई की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में विक्टोरिया भी एक तेज़ लड़की थी। वो ऑफिस में डेडलाइन पर काम करती थी, अच्छे कपड़े पहनती थी, बिंदास हँसती थी – लेकिन किसी को नहीं पता था कि रात को अकेले बिस्तर पर लेटते हुए उसके अंदर क्या अधूरा है । उसका एक रिश्ता कॉलेज में था – ईशान के साथ। लेकिन वो रिश्ता समय के साथ टूट गया क्योंकि ईशान सिर्फ शरीर चाहता था, और विक्टोरिया प्यार के साथ जुड़ाव भी। 💭 मन और तन की तकरार 28 की उम्र में, जब उसके लगभग सारे दोस्त शादीशुदा थे, विक्टोरिया ने खुद को संभाल रखा था। लेकिन उसके भीतर एक सवाल हर रात जागता था – क्या सिर्फ भावनाएं ही सबकुछ होती हैं? क्या एक महिला को अपने शरीर की ज़रूरतों पर बात करने या महसूस करने का अधिकार नहीं है? उसे भी सर्द रातों में किसी की बाहों में सोने की चाह होती थी। कभी-कभी उसे किसी की उँग...